चार दिन में ब्रज के चार अलग क्षेत्र देखे जा सकते हैं: मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, फिर बरसाना और नंदगांव. यह प्लान मानता है कि आप पहले दिन सुबह पहुंचेंगे, चौथे दिन की यात्रा के बाद निकलेंगे और मथुरा में तीन रात रुकेंगे. अगर चौथे दिन जल्दी लौटना है, तो एक और रात जोड़ें या नंदगांव छोड़ें.
दर्शन और प्रवेश का समय मौसम या विशेष अवसरों पर बदल सकता है. हर शाम अगले दिन की स्थानीय जानकारी लें और जहां संभव हो, दोपहर में आराम रखें.
पहला दिन: मथुरा
श्री कृष्ण जन्मभूमि से शुरुआत करें. इसे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है और परिसर में केशव देव मंदिर है. अंदर आम तौर पर फोन, बैग और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं होती. गेट पर मौजूदा नियम पूछें और ज़रूरत हो तो पास के locker या cloak की सुविधा लें.
इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर और विश्राम घाट जाएं. दोनों जन्मभूमि से करीब 2 km और auto या e-rickshaw से 10 से 15 मिनट दूर हैं. विश्राम घाट शाम की यमुना आरती के लिए जाना जाता है. किसी तय online समय पर निर्भर होने के बजाय स्थानीय रूप से समय पूछें.
दूसरा दिन: वृंदावन
पुराने शहर की गलियों में स्थित बांके बिहारी मंदिर पहले जाएं. यह जन्मभूमि से करीब 10 km और सड़क से 30 से 40 मिनट है. मंदिर के अनुसार समय मौसम और विशेष दिनों में बदलता है; आधिकारिक जानकारी देखें.
दोपहर में भोजन और आराम के बाद ISKCON (कृष्ण बलराम मंदिर) जाएं और प्रेम मंदिर की शाम की रोशनी के साथ दिन समाप्त करें. दोनों जन्मभूमि से करीब 9 km और सड़क से 25 से 35 मिनट हैं. मौसमी समय के लिए प्रेम मंदिर की आधिकारिक सूची देखें.
तीसरा दिन: गोवर्धन को पूरा दिन दें
गोवर्धन जन्मभूमि से करीब 22 km और सड़क से लगभग 45 मिनट है. पूरी पैदल परिक्रमा करीब 21 km है और राधा कुंड इसी मार्ग पर है. अगर पूरी परिक्रमा करनी है, तो यह दिन केवल उसी के लिए रखें. आपकी गति, विश्राम और मौसम तय करेंगे कि कितनी देर लगेगी. इसी दिन बरसाना या नंदगांव न जोड़ें.
जो पूरी परिक्रमा नहीं कर रहे, वे छोटा गोवर्धन दर्शन रख सकते हैं, लेकिन चलने से पहले पड़ाव और वापसी तय करें. गोवर्धन परिक्रमा गाइड तैयारी में मदद करेगी.
चौथा दिन: बरसाना और नंदगांव
बरसाना जन्मभूमि से करीब 42 km और सड़क से लगभग 1 घंटा 15 मिनट है. पहाड़ी पर श्री राधा रानी, यानी लाड़ली जी, मंदिर है. नंद बाबा से जुड़ा नंदगांव करीब 54 km और लगभग 1 घंटा 30 मिनट दूर है. ये दोनों मिलकर ब्रज की अलग उत्तर-पश्चिम दिशा का दिन बनाते हैं.
अपने समूह की मुख्य जगह से शुरुआत करें और स्थानीय प्रवेश की जानकारी लें. पहाड़ी, सीढ़ियां और सड़क का समय देखते हुए बुज़ुर्गों के साथ धीमा क्रम रखें. दोनों जगह departure day में आएंगी या नहीं, यह तय करने से पहले बरसाना नंदगांव गाइड देखें.
मथुरा में एक base रखें
इस plan में मथुरा में तीन रात चाहिए. चौथे दिन सुबह 10 बजे तक checkout करें और बरसाना-नंदगांव निकलने से पहले luggage plan सीधे confirm करें; luggage storage को तय न मानें. Shri Govind Braj Dham जन्मभूमि से 5 मिनट पैदल है. कमरे ₹799 प्रति रात से शुरू होते हैं, taxes अलग; सही दाम तारीख और त्योहार के अनुसार बदलता है. Transport अनुरोध पर arrange हो सकता है, लेकिन availability, route, vehicle, inclusions और दाम अलग से तय और quote होते हैं.