राधे राधे! ब्रज में अगर कोई जगह भाव से सबसे ज़्यादा भरी है, तो वह बरसाना है. बरसाना राधा रानी का गांव माना जाता है और नंदगांव नंद बाबा का, जहां कान्हा पले-बढ़े. दोनों गांव एक-दूसरे के पास हैं, और मथुरा से एक दिन में आराम से हो जाते हैं. यहां बताया है कि यह यात्रा कैसे करें.
बरसाना: राधा रानी मंदिर
बरसाना का सबसे प्रसिद्ध मंदिर श्री राधा रानी मंदिर है, जिसे लाडली जी का मंदिर भी कहते हैं. यह गांव के ऊपर पहाड़ी पर बना है. ऊपर सीढ़ियों से चढ़कर जाना होता है, और ऊपर से आसपास के गांवों और खेतों का नज़ारा बहुत सुंदर दिखता है. बहुत से श्रद्धालुओं के लिए पूरी ब्रज यात्रा का सबसे भावुक पल यहीं आता है, क्योंकि ब्रज में राधा रानी के प्रति प्रेम ही अलग है.
कुछ बातें पहले से जान लें:
- चढ़ाई में मेहनत लगती है. सीढ़ियां बहुत हैं. अपनी रफ़्तार से चढ़ें और बीच में रुकें. बुज़ुर्ग और जिनके घुटनों में दिक्कत है, वे धीरे-धीरे जाएं.
- ऐसी चप्पल पहनें जो जल्दी उतर जाए. मंदिर पर जूते उतारने होते हैं.
- पानी साथ रखें, खासकर गर्मियों में.
- दर्शन का समय मौसम के हिसाब से बदलता है, और कई मंदिरों में दोपहर के आसपास कुछ समय दर्शन रुक सकते हैं. चढ़ाई का प्लान बनाने से पहले स्थानीय रूप से समय पता कर लें.
नंदगांव: नंद बाबा का गांव
नंदगांव नंद बाबा से जुड़ा है, और यहां का मुख्य मंदिर भी पहाड़ी पर है. आम दिनों में यहां बरसाना से कम भीड़ रहती है. राधा रानी के बरसाना और कान्हा के नंदगांव की कथाएं आपस में इतनी जुड़ी हैं कि लोग दोनों के दर्शन एक ही दिन में करना पसंद करते हैं.
मथुरा से बरसाना की दूरी
सारी दूरियां श्री कृष्ण जन्मभूमि से सड़क के रास्ते की हैं. समय सामान्य ट्रैफ़िक के हिसाब से है, सबसे तेज़ वाला नहीं.
| जन्मभूमि से | दूरी (लगभग) | सड़क से समय (लगभग) |
|---|---|---|
| गोवर्धन | 22 km | 45 मिनट |
| बरसाना | 42 km | 1 घंटा 15 मिनट |
| नंदगांव | 54 km | 1 घंटा 30 मिनट |
बरसाना और नंदगांव पास-पास हैं, तो बरसाना पहुंचने के बाद नंदगांव थोड़ी ही दूर की ड्राइव है.
दोनों गांव एक दिन में कैसे करें
कैसे जाएं
परिवार के साथ हैं तो पूरे दिन के लिए taxi कर लेना सबसे आसान है. अपनी गाड़ी हो तो और भी बढ़िया. shared साधन भी चलते हैं, पर दो गांव और दो पहाड़ी मंदिर एक दिन में करने हों, तो ऐसी गाड़ी जो आपका इंतज़ार करे, बहुत समय और ताकत बचाती है. किराया बदलता रहता है, इसलिए किराया और इंतज़ार का समय पहले ही तय कर लें.
एक आसान प्लान
- मथुरा से सुबह जल्दी निकलें. कोशिश करें कि ठंडक रहते बरसाना पहुंच जाएं.
- पहले बरसाना. राधा रानी मंदिर तक चढ़ें, दर्शन करें, और उतरने से पहले कुछ देर बैठ लें.
- खाना और आराम. दोपहर में कई मंदिर कुछ देर बंद रहते हैं, तो यह खाने का सही समय है.
- फिर नंदगांव. गाड़ी से नंदगांव जाएं और पहाड़ी वाले मंदिर के दर्शन करें.
- शाम तक मथुरा लौटें.
गोवर्धन भी जोड़ें?
ताकत बची हो तो रास्ते में गोवर्धन भी रुक सकते हैं, क्योंकि वह मथुरा की उसी तरफ़ है. पर इससे दिन बहुत लंबा हो जाता है. ज़्यादातर लोग गोवर्धन के लिए अलग दिन रखते हैं, खासकर अगर परिक्रमा करनी हो. उसके लिए हमारी गोवर्धन परिक्रमा गाइड पढ़ें.
बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली
बरसाना और नंदगांव अपनी लट्ठमार होली के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. यह होली से कुछ दिन पहले मनाई जाती है. कथा है कि कान्हा अपने सखाओं के साथ नंदगांव से बरसाना आते हैं, और बरसाना की गोपियां उन्हें प्यार से लाठियों से भगाती हैं. यह नज़ारा देखने देश-विदेश से लोग आते हैं और भीड़ बहुत ज़्यादा होती है.
अगर आप लट्ठमार होली देखने आना चाहते हैं:
- तारीख हर साल बदलती है, क्योंकि यह हिंदू पंचांग से तय होती है. अपने साल की तारीख काफ़ी पहले पता कर लें.
- कमरा जल्दी बुक करें. होली के आसपास मथुरा और वृंदावन में कमरे जल्दी भर जाते हैं.
- भारी भीड़ और धीमी सड़कों के लिए तैयार रहें. आम दिन से बहुत पहले निकलें.
- पुराने कपड़े पहनें और फ़ोन zip bag में रखें.
होली की पूरी तैयारी के लिए मथुरा वृंदावन होली पर कहां रुकें वाली पोस्ट देखें.
दिन के लिए कुछ सुझाव
- सुबह जल्दी निकलें. पहाड़ी मंदिर सुबह की ठंडक में बहुत आसान लगते हैं.
- बैग हल्का रखें: पानी, थोड़े पैसे, ID, टोपी या गमछा और दवाइयां.
- प्रसाद और जूता स्टैंड के लिए छुट्टे पैसे रखें.
- एक दिन में बहुत कुछ ठूंसने की कोशिश न करें. आराम के दिन के लिए बरसाना और नंदगांव ही काफ़ी हैं.
मथुरा को base क्यों बनाएं
मथुरा में रुककर आप अलग-अलग दिन वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव जा सकते हैं, और हर रात उसी कमरे पर लौट सकते हैं. बार-बार सामान पैक नहीं करना पड़ता, और मथुरा जंक्शन इस इलाके का मुख्य रेलवे स्टेशन है. ये सारी जगहें नक्शे पर मथुरा में क्यों रुकें पेज पर देख सकते हैं.
कहां रुकें
ब्रज के day trips के लिए जन्मभूमि के पास कमरा एक अच्छा base है. हमारा Shri Govind Braj Dham गेट 3 के पास है, जन्मभूमि से 5 मिनट पैदल. AC कमरे ₹799 प्रति रात से (taxes अलग), taxi या अपनी गाड़ी के लिए free parking, और देर से लौटने पर 24 घंटे check-in. अपनी तारीखें WhatsApp पर भेजें.
राधा रानी की कृपा बनी रहे. राधे राधे!